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महामारी कौन रोकेगा

दुनिया भर में कोरोना वायरस जैसी महामारी से मरने वालों की संख्या लगभग 7 लाख पहुंच चुकी है लेकिन अभी तक स्पष्ट तौर पर कोई विशेषज्ञ या वैज्ञनिक ये नहीं बता सके हैं कि कोरोना वायरस आया कहां से. इसे लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं. कुछ लोगों का मानना है कि यह चीन के 'वेट-मार्केट' से आया. चीन में कई जंगली जानवरों का इस्तेमाल खाने और दवाइयों के लिए किया जाता है. कोरोना वायरस वहीं से इंसानों में आया. उस वक़्त तक चमगादड़ को कोरोना वायरस का मूल स्रोत माना जा रहा था. दलील दी जा रही थी कि चीन के वुहान शहर में 'जानवरों की मंडी' से ये वायरस कुछ इंसानों में पहुंचा और उसके बाद पूरी दुनिया में फैल गया. चमगादड़ इसके बाद एक शोध में कहा गया कि इंसानों में यह वायरस पैंगोलिन से आया है. इसे लेकर एक शोध भी हुआ. इस शोध में कहा गया कि पैंगोलिन में ऐसे वायरस मिले हैं जो कोरोना वायरस से मेल खाते हैं. लेकिन ये शोध भी अभी शुरुआती चरण में है. शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि पैंगोलिन पर अतिरिक्त नज़र रखे जाने की ज़रूरत है ताकि कोरोना वायरस के उभरने में उनकी भूमिका और भविष्य में इसांनों में उनके संक्रमण के ख़...

श्री कृष्ण जन्माष्टमी

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व  भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव है, त्योहार है। भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का संहार करने के लिए मथुरा के कारागार में मध्यरात्रि को जन्म लिया था।  ... इसलिए प्रतिवर्ष ठीक इसी घड़ी में भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है। अब भोले श्रृद्धालु इसी तरह हर वर्ष श्री कृष्ण जी का जन्म दिवस मनाने लगे इस दिन विशेष पूजा पाठ करना व्रत करना आदि आदि लेकिन सच्चाई यह है कि श्री कृष्ण जी पूर्ण परमात्मा नहीं है यह सिर्फ तीन लोक के भगवान है  यह हमारे कर्मों में कुछ परिवर्तन नहीं कर सकते अर्थार्त हमें सिर्फ वर्क डन ही दे सकते हैं यह सिर्फ नियमित कार्य ही करते हैं जिसका प्रमाण शिव पुराण में मिलता हैं श्री कृष्ण जी की भक्ति से मोक्ष संभव नहीं है क्योंकि गीता ज्ञान दाता अपनी स्वयं की भक्ति को अनुत्तम बता रहा है गीता अध्याय 7 श्लोक 18 में  फिर कौन है वह अविनाशी परमात्मा जिसकी शरण में जाने को कह रहा है  पूर्ण परमात्मा कबीर जी की शब्द शक्ति से असंख्य ब्रह्मांड चल रहे हैं  श्री कृष्...

कोरोना वायरस से छुटकारा

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कोरोना जैसे बीमारियों के फैलने में किसकी भूमिका है सिर्फ अकेले भारत देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 20 हज़ार के पार पहुंच चुकी है लेकिन अभी तक स्पष्ट तौर पर कोई विशेषज्ञ या वैज्ञानिक ये नहीं बता सके हैं कि कोरोना वायरस आया कहां से. इसे लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं. कुछ लोगों का मानना है कि यह चीन के 'वेट-मार्केट' से आया. चीन में कई जंगली जानवरों का इस्तेमाल खाने और दवाइयों के लिए किया जाता है. कोरोना वायरस वहीं से इंसानों में आया. उस वक़्त तक चमगादड़ को कोरोना वायरस का मूल स्रोत माना जा रहा था. दलील दी जा रही थी कि चीन के वुहान शहर में 'जानवरों की मंडी' से ये वायरस कुछ इंसानों में पहुंचा और उसके बाद पूरी दुनिया में फैल गया. चमगादड़ इसके बाद एक शोध में कहा गया कि इंसानों में यह वायरस पैंगोलिन से आया है. इसे लेकर एक शोध भी हुआ. इस शोध में कहा गया कि पैंगोलिन में ऐसे वायरस मिले हैं जो कोरोना वायरस से मेल खाते हैं. लेकिन ये शोध भी अभी शुरुआती चरण में है. शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि पैंगोलिन पर अतिरिक्त नज़र रखे जाने की ज़रूरत है ...

Bible study

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पवित्र बाइबल प्रुफ करती हैं परमात्मा साकार हैं पवित्र बाइबल में उत्पत्ति ग्रंथ में पृष्ठ नं 2 अध्याय 1:20 व 2:5 परमेश्वर ने कहा हम मनुष्य को अपने स्वरुप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरुप के अनुसार उत्पन्न किया नर और नारी करके मनुष्यों की सृष्टि की  इससे सिद्ध होता है कि परमात्मा साकार व शसरीर है पूर्ण परमात्मा जन्म मृत्यु से परे है, वह न तो माँ के गर्भ से जन्म लेता है और न ही उसकी मृत्यु होती है।  ईसा मसीह जैसी पवित्र आत्मा की भी दर्दनाक मृत्यु हुई। फिर आम इंसान का कैसे बचाव हो सकता है। केवल पूर्ण परमात्मा कबीर जी ही अवविनाशी हैं, मोक्षदायक प्रभु हैं। 

कबीर परमात्मा का ज्ञान

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वास्तविक धर्म का ज्ञान कबीर परमेश्वर जी ने सभी धर्मों के लोगों को संदेश दिया कि सब मानव एक परमात्मा की संतान हैं। अज्ञानता वश हम अलग-अलग जाति धर्मों में बंट गये।  जीव हमारी जाति है,मानव धर्म हमारा। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा।। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, आपस में सब भाई-भाई। आर्य जैनी और विश्‍नोई, एक प्रभु के बच्चे सोई।।

कबीर परमात्मा की लीलाएं

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कबीर साहेब द्वारा सर्वानंद को शरण में लेना पंडित सर्वानंद ने अपनी माँ से कहा कि मैंने सभी ऋषियों को शास्त्रार्थ में हरा दिया है तो मेरा नाम सर्वाजीत रख दो लेकिन उनकी माँ ने सर्वानंद से कहा कि पहले आप कबीर साहेब को शास्त्रार्थ में हरा दो तब आपका नाम सर्वाजीत रख दिया जाएगा।  जब सर्वानंद कबीर साहेब के पास शास्त्रार्थ करने पहुँचे तो कबीर साहेब ने कहा कि आप तो वेद-शास्त्रों के ज्ञाता हैं मैं आपसे शास्त्रार्थ नहीं कर सकता। तब सर्वानंद ने एक पत्र लिखा कि शास्त्रार्थ में सर्वानंद जीते और कबीर जी हार गए। उस पर कबीर साहेब जी से अंगूठा लगवा लिया। लेकिन जैसे ही सर्वानंद अपनी माँ के पास जाते तो अक्षर बदल कर कबीर जी जीते और पंडित सर्वानंद हार गए ये हो जाते।  ये देखकर सर्वानंद आश्चर्य चकित हो गए और आखिर में हार मानकर सर्वानंद ने कबीर साहेब की शरण ग्रहण की।

कबीर परमात्मा के चमत्कार

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"मृत गऊ को जीवित करना" सिकंदर लोधी ने एक गऊ के तलवार से दो टुकड़े कर दिये। गऊ को गर्भ था और बच्चे के भी दो टुकड़े हो गए। तब सिकंदर लोधी राजा ने कहा कि कबीर, यदि तू खुदा है तो इस गऊ को जीवित कर दे अन्यथा तेरा सिर भी कलम कर (काट) दिया जाएगा। साहेब कबीर ने एक बार हाथ गऊ के दोनों टुकड़ों को लगाया तथा दूसरी बार उसके बच्चे के टुकड़ों को लगाया। उसी समय दोनों माँ-बेटा जीवित हो गए। साहेब कबीर ने गऊ से दूध निकाल कर बहुत बड़ी देग (बाल्टी) भर दी तथा कहा - गऊ अपनी अम्मा है, इस पर छुरी न बाह। गरीबदास घी दूध को, सब ही आत्म खाय।। चुटकी तारी थाप दे, गऊ जिवाई बेगि। गरीबदास दूझन लगी, दूध भरी है देग।।